by - Praveen Bhatt

10 Jun 2020


साहित्य

(मोहन चौहान उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में टिहरी जिले के राजकीय इंटर कॉलेज खरसाड़ा, पालकोट में शिक्षक हैं। इन दिनों कोरोना महामारी के चलते उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षकों को एकांतवाश केन्द्रों में तैनात किया गया है। जहां शिक्षक उत्तराखंड लौटे प्रवासीजनों का रिकार्ड तैयार कर रहे हैं। श्री चौहान भी इन दिनों उसी विद्यालय में बनाए गए एकांतवाश में ड्यूटी दे रहे हैं जहां वे पढ़ाते हैं। इस दौरान 8 जून को उनकी बेटी का जन्मदिन भी आया लेकिन 150 किमी दूर एकांतवाश केन्द्र में तैनात पिता बेटी के जन्मदिन पर नहीं पहुंच पाया। श्री चौहान ने बेटी के जन्मदिन पर उसे एक पत्र अपनी ड्यूटी के स्थान से ही लिखा है। इस भावुक पत्र को पहाड़नामा अपने पाठकों के लिए यहां प्रकाशित कर रहा है।)

हैप्पी बर्थडे तूलिका

प्यारी बेटी,

 

आज एक और जन्मदिन पर पापा अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के चलते तुम्हारे साथ नहीं हैं। आज तुम तेरह वर्ष पूरे कर चुकी हो। इन वर्षों में पापा ने उतना समय तुम्हें नहीं दिया जितने पर तुम्हारा हक था। तुम बहुत समझदार हो इस स्थिति को अच्छी तरह समझती हो। रिश्तों और जिम्मेदारियों की समझ अपनी मां की तरह उनकी परवरिश में तुम्हारे अंदर गहराई से रच, बस रही है।

गुजरे तेरह वर्षों के समय में हर रोज बच्चे की गुरुजी/सर की ध्वनि में पापा के स्वर में तुम्हें पाया। कभी सीखने की उधेड़बुन में हर बच्चे के भीतर तुम्हारी कसमसाहट को महसूस किया। बच्चों की स्वछंद उछलकूद,खिलखिलाहट में  तुम्हारी बेधड़क मस्ती और बेबाक हंसी को देखा। सुबह के चढ़ते सूरज के साथ कांधे पर लादे अनचाहे बोझ को लेकर स्कूल की तरफ बढ़ते नन्हें कदमों और अलसाई आंखों में तुम्हारी बेबसी को शिद्दत से महसूस किया। ये अपराधबोध भी हर रोज साथ रहा कि मेरी पीढ़ी के लोगों ने इस बोझ को कम करने का कारगर कदम बढ़ाने के बजाए इसे और भी बडा़या है।

किसी बच्चे की आंख केआंसू में तुम्हारी जानी अनजानी पीड़ाओं को देखा। तुम्हारी शरारतों, जरूरतों, जिज्ञासाओं,और प्यार को हर रोज अपनी परिधि में बच्चों के साथ महसूस किया। हर रोज रात के अकेले में तुम्हें अपने पास पाया तुमसे ढेर सारी बातें की तुम्हारे दिनभर के अकेलेपन और बहुत सारी रोज के जीवन की जद्दोजहद के बीच तुम्हें सुलाने के प्रयास में तकिए को घंटो थपथपाते रहा। अनायास ही इन सबके चलते तुम्हारे हिस्से का वक्त बंट गया।

बेटी तुम और तुम्हारी मां इन रिश्तों की एहमियत को गहराई से समझते हो ये मेरे लिए बहुत मायने रखता है साथ ही हिम्मत के साथ खड़े रहने की ताकत देता है।

एक बार फिर जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ ढेर सारा प्यार...







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