by - Praveen Bhatt

10 Jun 2020


राजनीति

देहरादून। कांग्रेस का अनुशांगिक छात्र संगठन एनएसयूआई कोरोनाकाल में परीक्षाओं के खिलाफ मुखर हो गया है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को देहरादून से भेजे अपने ज्ञापन में एनएसयूआई ने कहा कि लॉकडाउन से पहले छात्रों का सेलेवस पूरा नहीं हो पाया था। छात्र अपने एसान्मेंट भी नहीं बना पाए थे।

10 जून बुधवार को छात्र नेगी विकास नेगी की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में निशंक जी से मांग की गई है कि गढ़वाल व श्रीदेव सुमन विवि के प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को पिछले प्रदर्शन के आधार पर बिना किसी भी परीक्षा के प्रोन्नत कर दिया जाए। छात्रों का कहना है कि स्नातक व स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्रों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त अंकों के साथ प्रोन्नत कर दिया जाए। छात्रों की यह भी मांग है कि छात्रों की आर्थिक स्थिति व लॉकडाउन के दौरान अभिभावकों को हुए नुकसान को देखते हुए मौजूदा शिक्षा सत्र व अगले एक सेमेस्टर का शुल्क माफ कर दिया जाए।

छात्रों में ज्ञापन में डॉ. निशंक को याद दिलाया है कि वे पूर्व में उत्तर प्रदेश के समय मंत्री, विधायक के साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। इस नाते उन्हें अवगत है कि उत्तराखंड के दूर-दराज क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी की गंभीर समस्या है। साथ ही सभी छात्रों के पास एनड्राइड मोबाइल भी नहीं है जिससे वे ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ सकें। इसलिए विवि द्वारा भले ही ऑनलाइन पढ़ाकर सेलेवस पूरा करने का दावा किया जा रहा हो लेकिन हकीकत इसके उलट ही है। ऐसे में छात्रों को बिना परीक्षा के प्रोन्नत करना ही एकमात्र विकल्प बचा है। एनएसयूआई की मांग है कि तकनीकी, स्वास्थ्य व सामान्य शिक्षा के सभी छात्रों को प्रोन्नत किया जाए। ज्ञापन सौपने वालों में एनएसयूआई के सिद्धार्थ पोखरियाल, विकास नेगी, अंजलि चमोली, प्रकाश नेगी व अनंत सैनी शामिल थे।







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