by - Praveen Bhatt

16 Jul 2021


शिक्षा

देहरादून। प्रदेश के तदर्थ विनियमितिकृत शिक्षकों तथा सीधी भर्ती के शिक्षकों का गत चार वर्षो से वरिष्ठता को लेकर विवाद चल रहा था। जिस पर दोनो पक्ष मा उच्च न्यायालय नैनीताल तथा राज्य सेवा अभिकरण नैनीताल में अपने-अपने तथ्यों के आधार पर केस लड़ रहे थे। अक्टूबर 2019 में नैनीताल पब्लिक ट्रिब्यूनल ने अंतरिम स्टे आदेश जारी करते हुए तदर्थ विनियमितकृत शिक्षकों की वरिष्ठता का अंतिम निर्धारण करने से पूर्व प्रभावित पक्षों (सीधी भर्ती के शिक्षकों) को अपना पक्ष विभाग/सचिव विद्यालयी शिक्षा के समक्ष रखने के आदेश निर्गत किये गए थे। इसके अनुपालन में प्रभावित पक्षों ने दिसम्बर 2020 में 950 प्रत्यावेदन शासन को प्रेषित किए। दोनो पक्षों को सुनने के बाद कार्मिक, न्याय एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक के बाद सचिव शिक्षा ने अपने निर्णय में विनियमितिकृत तदर्थ शिक्षकों को उनकी नियुक्ति तिथि 1 अक्टूबर 1990 से वरिष्ठता देने पर रोक लगा दी है।राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ की प्रान्तीय कार्यकारिणी ने 14 जुलाय 2021 की आकस्मिक बैठक में मा. उच्च न्यायानलय नैनीताल में कैबियेट लगाने का निर्णय लिया। उसके बाद मा. उच्च न्यायालय के विद्धान अधिवक्ता श्री शैलेन्द्र नौड़ियाल जी ने संबंधित पक्षों को अपने स्तर से सूचना देते हुए 15 जुलाय 2021 को राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रान्तीय अध्यक्ष अजय राजपूत के नाम से कैबियेट दाखिल कर दी गई है। कैबियेट दाखिल होने के बाद तदर्थ शिक्षक यदि मा. न्यायलय में जाते हैं तो तब कैबियेट दाखिल करने वाले पक्ष को भी सुना जायेगा तभी कोई अन्य आदेश जारी हो पायेगा और कोई भी एक पक्षीय निर्णय कोर्ट जारी नहीं कर सकेगा।







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