by - Praveen Bhatt

08 Nov 2019


उत्तराखंड

मसूरी के होटल सवॉय में उत्तराखंड सरकार और एपीएन न्यूज द्वारा 8 नवम्बर को आयोजित फिल्म कान्क्लेव 2019 में उत्तराखंड में फिल्म निर्माण की स्थिति व इसके विकास की संभवनाओं पर व्यापक विचार विमर्श किया गया। इस अवसर पर मायानगरी मुम्बई के अनेक फिल्म निर्माता व निर्देशकों ने भाग लिया। इस आयोजन की मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि वर्तमान युग डिजिटल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस का है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी संभावना स्थानीय बोली भाषाओं, संस्कृति और लोककलाओं का प्रयोग करते हुए फिल्मों का निर्माण करने की है। स्थानीय संस्कृति को कटेंट राइटिंग के माध्यम से फिल्मों तक पहुंचाया जा सकता है। साथ ही जोड़ा कि इसके लिए सरकार स्थानीय लेखकों और रचनाकारों को तैयार कर सकती है। जब स्थानीय कटेंट फिल्मों में आयेगा तो इस तरह की फिल्मों की शूटिंग के लिए निर्देशक यहां आएंगे। ईरानी ने कहा कि राज्य सरकार को फिल्म और कला संस्कृति से जुड़े लोगों की एक वृहद डायरेक्टरी भी बनानी चाहिए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में प्रतिवर्ष 200 से अधिक फिल्मों की शूटिंग हो रही है। इसके लिए नई फिल्म नीति भी घोषित की है। नीति के तहत हमने उत्तराखंड में शूट हो रही फिल्मों से शूटिंग का शुल्क हटा दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में जिन फिल्मों की शूटिंग 80 प्रतिशत से अधिक होगी उन्हें अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में जिन फिल्मों की शूटिंग हो रही है उन्हें टेक्स में छूट दी जा रही है। राज्य में फिल्म शूटिंग की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने कहा कि उत्तराखंड में शूटिंग करना बहुत खर्चीला साबित होता है। यहां परिवहन की सुविधाओं में भी सुधार करना होगा। बत्ती गुल मीटर चालू के निर्देशक नारायण सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के लोग बहुत मिलनसार है। मुझे अपनी फिल्म की शूटिंग में कोई दिक्कत पेश नहीं आयी। निर्देशक उमेश शुक्ला ने कहा कि इच्छाशक्ति के बल पर उत्तराखंड की भौगोलिक और अन्य परेशानियों को भी आसान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में उत्तराखंड में शूटिंग करना चाहते हैं। धारावाहिक निर्देशक कविता चौधरी ने भी उत्तराखंड में शूटिंग के अपने अनुभव साझा किए। आयोजन को विशाल भारद्वाज और मुजफ्फर अली ने भी संबोधित किया। कान्क्लेव में उत्तराखंड से बड़ी संख्या में फिल्म, डाक्यूमेंट्री निर्माण से जुड़े निर्देशक व कलाकार भी पहुंचे थे। हालांकि पैनल में शामिल न किए जाने के कारण स्थानीय फिल्म निर्देशक अनुज जोशी, शिव पैन्यूली, मनोज इष्टवाल, प्रदीप भंडारी व कलाकार कुछ नाराज भी दिखे हालांकि अधिकांश लोगों द्वारा सरकार की इस पहल का स्वागत किया गया। आयोजन में मुख्य रूप से मसूरी विधायक गणेश जोशी, पूर्व विधायक जोत िंसंह गुनसोला, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, नगरपालिका अध्यक्ष मसूरी अनुज गुप्ता, रानू बिष्ट, सतीष शर्मा, अंजलि नौरियाल, सोनिया आनंद रावत, महेश भट्ट, एसपी मंमगई, गण्ेश शैली, तानिया शैली, शूरवीर भंडारी, विजय पुंडीर, वेद विला उनियाल, पूजा भट्ट आदि उपस्थित थे।







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